बील शतरंज फेस्टिवल में वैशाली पर होंगी नजरें
भारत की शीर्ष महिला ग्रैंडमास्टर आर. वैशाली शनिवार से स्विट्जरलैंड में शुरू हो रहे प्रतिष्ठित बील इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल 2026 के चैलेंजर सेक्शन में हिस्सा लेंगी। 11 से 24 जुलाई तक चलने वाला यह टूर्नामेंट वैशाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी वर्ष के अंत में उन्हें मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ विश्व शतरंज चैंपियनशिप मैच खेलना है। इसके अलावा आगामी शतरंज ओलंपियाड की तैयारियों के लिहाज से भी यह प्रतियोगिता उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
वैशाली इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस वर्ष फीडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर पहली बार विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती देने का अधिकार हासिल किया है। वह दो बार फीडे ग्रैंड स्विस (2023 और 2025) जीतने वाली विश्व की पहली महिला खिलाड़ी हैं और भारत की तीसरी महिला ग्रैंडमास्टर भी हैं। 2024 में बील के इसी चैलेंजर वर्ग में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था और इस बार उससे बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य लेकर उतरेंगी।
इस बार चैलेंजर सेक्शन में वैशाली को कई मजबूत खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा। इनमें पूर्व महिला विश्व चैंपियन एलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक (स्विट्जरलैंड), चार बार की अमेरिकी महिला चैंपियन कैरिसा यिप, चीन के युवा ग्रैंडमास्टर शियाओ तोंग, चेक गणराज्य के प्रतिभाशाली इंटरनेशनल मास्टर वैक्लाव फिनेक और फ्रांस के युवा इंटरनेशनल मास्टर मार्को माटेरिया शामिल हैं।
ट्रायथलॉन प्रारूप में होगी प्रतियोगिता
बील शतरंज महोत्सव का यह चैलेंजर वर्ग अपने अनोखे ट्रायथलॉन प्रारूप के लिए प्रसिद्ध है। खिलाड़ियों को केवल क्लासिकल ही नहीं बल्कि रैपिड और ब्लिट्ज तीनों प्रारूपों में अपनी क्षमता साबित करनी होती है। प्रतियोगिता में क्लासिकल मुकाबले को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। क्लासिकल जीत पर 4 अंक, ड्रॉ पर 1.5 अंक, रैपिड जीत पर 2 अंक, ड्रॉ पर 1 अंक, जबकि ब्लिट्ज जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक दिए जाएंगे। तीनों प्रारूपों में मिले अंकों को जोड़कर अंतिम विजेता का फैसला होगा। यही कारण है कि खिलाड़ियों को हर समय नियंत्रण में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।
भारतीय शतरंज प्रेमियों की नजरें विशेष रूप से वैशाली के प्रदर्शन पर रहेंगी, क्योंकि विश्व चैंपियनशिप मुकाबले से पहले मजबूत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ यह प्रतियोगिता उनके आत्मविश्वास और तैयारी को और मजबूती देने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है। वहीं यदि वह यहां अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो भारतीय टीम को आगामी शतरंज ओलंपियाड से पहले भी बड़ा मनोबल मिलेगा।