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लियॉन को ग्रांड मास्टर नार्म ! रेटिंग भी 2500 पार

by Niklesh Jain - 26/10/2020

आपदा को अवसर मे बदलने के बारे मे तो आपने बहुत मुहावरे सुने होंगे पर आपने कितनी बार दरअसल ऐसा किया होगा । खैर भारत के 14 वर्षीय इंटरनेशनल मास्टर लियॉन मेन्दोंसा नें ऐसा ही कुछ कर दिखाया है वह अपने पिता के साथ मार्च के माह से हंगरी मे ही रह गए कारण था कोविड 19 के कारण लगने वाला भारत समेत दुनिया भर मे लॉकडाउन , ऐसे मे उनके लिए यह एक मुश्किल समय था पर लियॉन नें इसे अपने लिए एक अवसर मे बदल लिया सबसे पहले तो उन्होने इस समय को अपनी तैयारी के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया और  उसके बाद उन्होने जैसे ही हंगरी और उसके आसपास जैसे इटली मे स्थिति सामान्य हुई प्रतियोगिताओं मे भाग लेना शुरू कर दिया । जुलाई माह से अब तक वह अपनी रेटिंग को 55+ अंको के साथ 2500 के पार पहुंचा चुके है और बीते सप्ताह उन्होने बुडापेस्ट रिगोचेस इंटरनेशनल ग्रांड मास्टर राउंड रॉबिन टूर्नामेंट जीतकर अपना पहला  ग्रांड मास्टर नार्म भी हासिल कर लिया है अब जैसे ही वह अपने दो और ग्रांड मास्टर नार्म हासिल कर लेंगे वह भारत के अगले ग्रांड मास्टर बन जाएँगे । पढे यह लेख ।



14 वर्ष के लियॉन नें लिया ग्रांड मास्टर नार्म ,जीता बुडापेस्ट इंटरनेशनल शतरंज 

कोविड 19 के समय शतरंज के खेल से भारत को सबसे ज्यादा उपलब्धि हासिल हुई है और इसी क्रम मे एक और उपलब्धि भारत को हासिल हुई । 14 वर्षीय भारतीय शतरंज खिलाड़ी लियॉन मेन्दोंसा मार्च माह मे जब हंगरी मे शतरंज टूर्नामेंट खेल रहे थे तभी कोविड के चलते लॉकडाउन लग गया और वह अपने पिता के साथ वही रहने को मजबूर हो गए

पर उन्होने इसी बात का फायदा उठाकर खेल की ट्रेनिंग जारी रखी और जैसे ही हंगरी मे स्थिति सामान्य होने पर शतरंज टूर्नामेंट शुरू हुए उन्होने अपना हुनर दिखाना शुरू कर लिया ।

उन्होने बुडापेस्ट इंटरनेशनल ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट को जीतकर सभी को चौंका दिया है ।

अपनी रेटिंग को 2500 अंको के पार ले जाने के साथ टूर्नामेंट मे 9 मैच मे से अपराजित रहते हुए 5 जीत और चार ड्रॉ से कुल 7 अंक बनाए और 2611 का प्रदर्शन करते हुए अपना पहला ग्रांड मास्टर नार्म हासिल कर लिया है । अब लियॉन को सिर्फ दो और  नार्म की जरूरत है और उसके बाद वह भारत के अगले ग्रांड मास्टर बन जाएँगे । प्रतियोगिता मे हंगरी के ग्रांड मास्टर एडम कोज़ाक  6.5 अंक बनाकर दूसरे तो अलेक्स क्र्स्टुलोविक  6 अंक बनाकर तीसरे स्थान पर रहे । 

लियॉन नें इस प्रतियोगिता मे तीन ग्रांड मास्टर मे दो को पराजित किया तो एक से ड्रॉ खेला 

सबसे पहले उन्होने वियतनाम के ग्रांड मास्टर मिन्ह हुय को पराजित किया 

तो दूसरी जीत हंगरी के ग्रांड मास्टर बेरक्ज़ेस डेविड के खिलाफ हासिल की 

देखे पिछले दिनो इटली के एक टूर्नामेंट मे खेला गया उनका शानदार मुक़ाबला 

हिन्दी चेसबेस इंडिया यूट्यूब पर विडियो विश्लेषण 

लियॉन की इस सफलता के पीछे उनके पिता का खास प्रयास भी रहा है जो ना जाने कितने समय से सिर्फ लियॉन को बेहतर बनाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे है जो वह कर सकते थे 


पिछले दिनो उन्होने हंगरी मे ग्रांड मास्टर और दुनिया की महानतम महिला खिलाड़ी जूडिथ पोलगर से भी मुलाक़ात की थी 

हंगरी मे महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने जूडिथ के साथ लियॉन 

क्रामनिक के साथ चेसबेस इंडिया माइक्रोसेंस प्रशिक्षण शिविर मे भी लियॉन नें काफी कुछ सीखा था 

उनके खास दोस्तो से अब वह रेटिंग भी ज्यादा दूर नहीं रह गए है

बुडापेस्ट रिगोचेस इंटरनेशनल ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट के सभी मुक़ाबले 

 

 





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